चार साल बेमिसाल : उत्तराखंड में चार सालों में और सुदृढ़ हुई शिक्षा व्यवस्था

धरातल पर उतरी योजनाएं तो छात्रों के सपनों को लगे पंख

देहरादून। राज्य सरकार ने पिछले चार सालों में जिन क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है, उनमें विद्यालयी शिक्षा भी शामिल है। कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश में एक सुदृढ़ शिक्षा प्रणाली विकसित की गई। जिसका लाभ सूबे के प्रत्येक नौनिहाल को मिल रहा है। इन चार वर्षों में राजकीय विद्यालयों की न सिर्फ आधारभूत संरचना को मजबूत किया, बल्कि नवाचार पर फोकस कर नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराई गई। विशेषकर माध्यमिक शिक्षा के लिये विगत चार वर्ष उपलब्धियों से भरे रहे।

छात्रों को मिली निःशुल्क किताबें

राज्य सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त (अशासकीय) विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3,30,212 छात्र-छात्राओं को 34,25,644 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में 3,67300 छात्रों को 3645939 पाठ्य पुस्तकें, वर्ष 2024-25 में 351072 छात्रों को 3518340 पाठ्य पुस्तकें, वर्ष 2025-26 में 324491 छात्रों को 3892916 पाठ्य पुस्तकें तथा वर्ष 2026-27 में लगभग 326794 छात्रों को लगभग 3801279 पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-1 से 12 के लगभग 899763 छात्र-छात्राओं को निःशुल् नोट बुक्स उपलब्ध कराई जा रही है।

परिषदीय परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 से वर्ष 2025 तक की परिषदीय परीक्षाफल में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। बोर्ड परीक्षाओं का समय पर आयोजन, व्यवस्थित व पारदर्शी मूल्यांकन से समय पर परीक्षा परिणाम घोषित किये गये। वर्ष 2022 में हाईस्कूल का परीक्षाफल प्रतिशत जहां 77.47 था वहीं वर्ष 2025 में परीक्षाफल प्रतिशत 90.77 रहा। इसी प्रकार वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट का परीक्षाफल प्रतिशत 82.63 था जो वर्ष 2025 में सुधरकर 83.23 हो गया है।

छात्रवृत्ति से युवा सपनों को लगे पंख

राज्य के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को प्रोत्साहन के लिये राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत कक्षा-6 से 12 तक के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 4940 मेधावी छात्र लाभान्वित हुये। इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में 13012, वर्ष 2025-26 में 12079 मेधावी छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हुये।

कलस्टर विद्यालयों से फैलेगा शिक्षा का उजियारा

प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 559 कलस्टर विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जायेगा। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस, वर्चुअल क्लासेस, अटल ट्रीकिंग लैब, कम्प्यूटर लैब एवं आधुनिक पुस्तकालय की सुविधाएं रहेगी।

खेलों पर भी फोकस

राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ ही छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर भी फोकस किया जा रहा है। छात्रों को विभिन्न खेलों में भी दक्ष किया जा रहा है। यही कारण है कि विगत चार वर्षों में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों एथलेटिक्स, बाॅक्सिंग, जूडो, ताईकांडो, बाॅलीवाल, रेसलिंग प्रतियोगिता में कई पदक प्राप्त किये हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां विभिन्न प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने 2 रजत व 4 कांस्य पदक जीते वहीं वर्ष 2025-26 में 12 स्वर्ण, 13 रजत व 19 कांस्य पदक जीते। इस प्रकार खेलों में भी छात्र-छात्राओं को निखारा जा रहा है।

शैक्षिक भ्रमण से बढ़ रही समझ

राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को देशभर के विभिन्न उच्च शैक्षणिक संस्थानों, तकनीकी संस्ािानों एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है ताकि उनका बौद्धिक विकास हो सके। इसके लिये वर्ष 2024-25 में भारत-दर्शन शैक्षिक भ्रमण योजना का शुरू की गई है। इस योजना के तहत अब तक हाईस्कूल स्तर पर प्रत्येक विकासखण्ड से कुल 227 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभन्न राज्यों के शैक्षिक भ्रमण पर भेजा गया।

माध्यमिक शिक्षा में 4415 शिक्षकों को मिली नियुक्ति

माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत विगत चार वर्षों में सहायक अध्यापक (एलटी) एवं प्रवक्ता संवर्ग के रिक्त पदों पर विभिन्न स्तर से 4415 शिक्षकों की नियुक्ति की गई। जिसमें वर्ष 2022-23 में 1570 शिक्षक भर्ती हुई। जिसमें सीधी भर्ती के माध्यम से 543 सहायक अध्यापक, 449 प्रवक्ता जबकि 578 अतिथि शिक्षक शामिल है। इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में सीधी भर्ती से 596 एलटी शिक्षक जबकि 42 अतिथि शिक्षक नियुक्त किये गये। वर्ष 2024-25 में सहायक अध्यपक के 71 तथा 789 अतिथि शिक्षक तैनात किये गये। वर्ष 2025-26 में सीधी भर्ती के माध्यम से 1347 सहायक अध्यापकों की तैनाती गई। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी विशेष शिक्षा शिक्षकों के 135 तथा प्रवक्ता संवर्ग में 808 पदों पर सीधी भर्ती हेतु अधियाचन आयोग को भेजा गया है।

बयान-
नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा प्रणाली को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को गुणवत्तापरक, समावेशी एवं व्यवहारिक शिक्षा उपलब्ध हो, इसके लिए विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों का विस्तार, शिक्षण पद्धतियों में नवाचार तथा शिक्षकों के कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार संकल्पित है कि शिक्षा के माध्यम से प्रदेश के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जाए। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

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