चारधाम यात्रा के लिए सरकार की SOP, पंजीकरण अनिवार्य, यात्रा प्लान बनाने की सलाह

देहरादून: प्रदेश सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। सरकार ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही यात्रियों को कम से कम सात दिनों का यात्रा प्लान बनाने की सलाह दी गई है, ताकि वे ऊंचाई वाले क्षेत्रों के वातावरण में आसानी से ढल सकें।

पंजीकरण को अनिवार्य 

सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। यह प्रक्रिया पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के तहत आधार प्रमाणीकरण से जुड़ी होगी। यात्री ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप या भौतिक काउंटरों के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को एक मैसेज प्राप्त होगा, जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक आईडी होगी।

क्यूआर कोड को अधिकृत

धामों में प्रवेश के दौरान इस क्यूआर कोड को अधिकृत ‘यात्री मित्र’ द्वारा स्कैन किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके। श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित तिथि पर ही धाम में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। दर्शन के लिए टोकन, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही जारी होगा। भौतिक सत्यापन बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में किया जा रहा है।

स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी दिशा-निर्देश

सरकार ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और कम वायुदाब का असर स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। यात्रियों को गर्म कपड़े, रेनकोट और नियमित दवाएं साथ रखने की सलाह दी गई है। साथ ही यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करने और केवल अधिकृत सेवाओं का उपयोग करने को कहा गया है।

मोबाइल एप और हेल्पलाइन की सुविधा

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यात्रियों से ‘सचेत’ मोबाइल एप डाउनलोड करने की अपील की है, जिससे उन्हें मौसम और आपदा संबंधी रियल-टाइम अलर्ट मिल सकें। किसी भी साइबर अपराध की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। इसके अलावा, यात्रा से जुड़ी सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0135-2559898 और टोल फ्री नंबर 1364 भी जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन करने से चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाया जा सकेगा।

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