मालदेवता में 233 मिमी रिकॉर्ड बारिश, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई हाईवे बंद

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों में देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में सर्वाधिक 233 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि देहरादून, मसूरी, जौलीग्रांट और उखीमठ सहित कई इलाकों में भारी बारिश हुई। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।

भारी बारिश के चलते केदारनाथ, बदरीनाथ और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से बाधित हो गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगहों पर सड़कें बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। वहीं, मौसम के मद्देनज़र चार जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

देहरादून के नंदा की चौकी के पास हाल ही में करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल की एप्रोच रोड भी तेज बारिश में धंस गई। सड़क पर बड़ा गड्ढा बनने के बाद पुल पर यातायात रोक दिया गया है। इस घटना के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों, विशेषकर रेंजर्स ग्राउंड क्षेत्र में जलभराव से यातायात प्रभावित रहा।

उधर, यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से धंस गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। पाली गाड़ के पास हाईवे पर बोल्डर गिरने से दो कांवड़ यात्री घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। टिहरी जिले में नौ ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं।

चमोली जिले में 21 ग्रामीण सड़कें बाधित हैं, जबकि बदरीनाथ हाईवे कंचनगंगा नाले के पास मलबा आने से बंद हो गया। देहरादून के मालदेवता, सौड़ा सरोली और सहस्रधारा क्षेत्रों में भी सड़कें मलबे और जलभराव से प्रभावित रहीं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और सुरक्षा दीवार (पुस्ता) क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के अधिकांश जिलों में अगले कुछ समय तक हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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